Cyclone Montha: चक्रवाती तूफान ने आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तमिलनाडु में मोंथा का खतरा बढ़ा दिया हैं, IMD ने किया जारी रेड अलर्ट
Cyclone Montha
Cyclone Montha Live Update: बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती तूफान मोंथा अब सख्त चक्रवाती तूफान बन चुका है। आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तमिलनाडु के तटीय इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी। जानिए ताज़ा अपडेट, असर और सुरक्षा सुझाव।
मोंथा चक्रवात क्या है
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, Cyclone Montha एक शक्तिशाली चक्रवाती तूफान है जो दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में बना है। इस तूफान का नाम “Montha”रखा है। थाईलैंड ने Montha इस नाम को सुझाया था, जिसका अर्थ होता है — एक प्रकार का फूल।
IMD के मुताबिक यह तूफान रविवार सुबह तक Severe Cyclonic Storm (सख्त चक्रवाती तूफान) में तब्दील हो चुका था और इसका केंद्र Machilipatnam (मचिलिपटनम) से लगभग 190 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पूर्व दिशा में स्थित था।
कैसे बना हैं Cyclone Montha
मोंथा चक्रवात का निर्माण बंगाल की खाड़ी में एक Low Pressure Area (निम्न दबाव क्षेत्र) से हुआ। 25 अक्टूबर को यह दबाव क्षेत्र एक Depression (गहरे दबाव क्षेत्र) में बदल गया। अगले 48 घंटे में, समुद्र का तापमान अधिक होने और नमी की उपलब्धता के कारण यह तेजी से Severe Cyclonic Storm में बदल गया।
IMD के आंकड़ों के अनुसार, मोंथा का केंद्र लगभग 15.2° N और 85.4° E पर स्थित है और यह उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है।
कब और कहाँ करेगा लैंडफॉल
भारत मौसम विभाग के मुताबिक, Cyclone Montha का लैंडफॉल 28 अक्टूबर की शाम या रात को Machilipatnam और Kalingapatnam के बीच होने की संभावना है।
लैंडफॉल के समय हवा की गति 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुँच सकती है, जबकि कुछ झोंके 110 किलोमीटर प्रति घंटा तक जा सकते हैं। समुद्र में ऊँची-ऊँची लहरें उठ रही हैं, और तटीय इलाकों में ज्वार-भाटा और समुद्री जलभराव का खतरा है।
किन राज्यों पर असर पड़ेगा
Cyclone Montha का असर मुख्य रूप से इन राज्यों पर देखा जा रहा है:
आंध्र प्रदेश – विशेष रूप से कृष्णा, गुंटूर, नेल्लोर और काकीनाडा जिले प्रभावित हो रहे हैं।
ओडिशा – दक्षिणी ओडिशा के गंजाम, गजपति और कोरापुट जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी है।
तमिलनाडु – चेंगलपट्टू और नागपट्टिनम जिलों में तेज हवाएँ और बारिश।
पुडुचेरी – कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश के आसार हैं।
IMD ने आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय जिलों के लिए Red Alert और तमिलनाडु व पुडुचेरी के लिए Orange Alert जारी किया है।
मौसम विभाग की चेतावनी
IMD के अनुसार —
28 और 29 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश में बहुत भारी वर्षा (204 मिमी तक) हो सकती है।
ओडिशा में 30 अक्टूबर तक भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
तमिलनाडु में 27 से 29 अक्टूबर तक तेज हवाओं के साथ बारिश जारी रहेगी।
समुद्र में लहरों की ऊँचाई 4–6 मीटर तक बढ़ने का खतरा है।
NDMA (राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण) ने लोगों से अपील की है कि वे समुद्र तटों से दूर रहें, फिशिंग बोट्स न चलाएँ और सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
सरकारी तैयारी और राहत कार्य
आंध्र प्रदेश सरकार ने लगभग 35,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।
लगभग 400 राहत शिविर बनाए गए हैं।
स्कूल और कॉलेजों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) की 20 टीमें और स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) की 25 टीमें तैनात की गई हैं।
समुद्र में मछली पकड़ने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है।
Cyclone Montha की रफ्तार (Wind Speed & Intensity)
श्रेणी
हवा की गति (किमी/घंटा)
स्थिति
Depression
30-50
सामान्य दबाव
Deep Depression
51-61
हल्का तूफान
Cyclonic Storm
62-88
चक्रवाती तूफान
Severe Cyclonic Storm
89-118
मोंथा की स्थिति
Very Severe Cyclonic Storm
119-220
बहुत गंभीर तूफान
IMD का कहना है कि मोंथा अभी “Severe Cyclonic Storm” की श्रेणी में है और आगे चलकर इसका प्रभाव कम हो सकता है जब यह जमीन से टकराएगा।
Cyclone Montha का अर्थ और नामकरण
मोंथा नाम थाईलैंड द्वारा दिया गया है। यह नाम “Montha” (มณฑา) शब्द से लिया गया है, जो थाई भाषा में एक फूल का नाम है। यह नाम विश्व मौसम संगठन (WMO) द्वारा निर्धारित Cyclone Naming List के अनुसार रखा गया है।
हर देश बारी-बारी से नाम सुझाता है — भारत, बांग्लादेश, म्यांमार, पाकिस्तान, श्रीलंका, थाईलैंड, ईरान, कतर आदि।
पर्यावरण और जलवायु पर क्या असर
विशेषज्ञों के अनुसार, यह चक्रवात इस वर्ष का पांचवां बड़ा उष्णकटिबंधीय तूफान है जो बंगाल की खाड़ी में बना है। जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के कारण Sea Surface Temperature (समुद्र की सतह का तापमान) बढ़ गया है, जिससे तूफान और शक्तिशाली हो रहे हैं।
IMD के जलवायु वैज्ञानिकों का कहना है कि भविष्य में इस तरह के Post-Monsoon Cyclones की संख्या बढ़ सकती है, खासकर अक्टूबर–दिसंबर के महीनों में आते है।
जनता के लिए सुरक्षा सुझाव
समुद्र तटों के पास न जाएँ और फिशिंग गतिविधियाँ बंद रखें।
पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें।
मोबाइल पर IMD Weather App या NDMA Alert से अपडेट लेते रहें।
घरों की छत, खिड़कियाँ और पानी की निकासी की व्यवस्था मजबूत करें।
बुजुर्गों और बच्चों को सुरक्षित जगह पर रखें।
बिजली कटने की स्थिति में टॉर्च, बैटरी और आवश्यक दवाएँ तैयार रखें।
आर्थिक प्रभाव और नुकसान का अनुमान
हालांकि अभी सटीक नुकसान का अनुमान लगाना जल्दबाज़ी होगी, लेकिन शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक —
तटीय आंध्र प्रदेश में फसलें और नारियल बागान को नुकसान पहुँच सकता है।
समुद्री व्यापार और मछली उद्योग प्रभावित होंगे।
बिजली और इंटरनेट सेवाओं पर असर पड़ने की संभावना है।
कई फ्लाइट्स और ट्रेनों को स्थगित किया गया है।
सरकार ने राहत और पुनर्वास के लिए 100 करोड़ रुपये का इमरजेंसी फंड जारी किया है।
सोशल मीडिया अलर्ट
आंध्र प्रदेश सरकार ने ट्विटर (अब X) और फेसबुक पर “#CycloneMontha” हैशटैग के साथ अपडेट जारी किए हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल IMD या राज्य सरकार की जानकारी पर भरोसा करें।
निर्ष्कष
Cyclone Montha Live Updates (ताज़ा स्थिति) 28 अक्टूबर शाम 6 बजे तक मोंथा का केंद्र समुद्र में ही था, लेकिन तटीय हिस्सों में भारी बारिश शुरू हो चुकी है। कृष्णा और काकीनाडा जिलों में हवाओं की गति 80–90 किमी/घंटा दर्ज की गई है। ओडिशा के दक्षिणी इलाकों में भी लगातार बारिश जारी है।
प्रश्न : Cyclone Montha की उत्पत्ति कहाँ हुई?
उत्तर: यह चक्रवात बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में कम दबाव के क्षेत्र से उत्पन्न हुआ। बाद में समुद्र के बढ़ते तापमान के कारण यह गहरे दबाव और फिर गंभीर चक्रवात में बदल गया।
प्रश्न : Cyclone Montha से किन राज्यों को सबसे ज़्यादा खतरा है?
उत्तर: आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तमिलनाडु को Cyclone Montha से सबसे अधिक खतरा है। इन राज्यों के तटीय जिलों जैसे विशाखापत्तनम, गंजम, गजपति, चेंगलपट्टू और नेल्लोर में भारी बारिश और 100–120 किमी/घंटा की तेज़ हवाएं चलने की संभावना है।
प्रश्न: Cyclone Montha को यह नाम किस देश ने दिया?
उत्तर: “Montha” नाम म्यांमार (Myanmar) द्वारा दिया गया है। विश्व मौसम संगठन (WMO) के नियमों के अनुसार, हर नए चक्रवात को एक सदस्य देश द्वारा नामित किया जाता है।
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NIRAJ KUMAR
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