“बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए माहौल गर्म, जनता और नेता दोनों तैयार
🗳️ बिहार विधानसभा चुनाव 2025: दो चरणों में मतदान, 14 नवंबर को नतीजे — पूरी जानकारी यहाँ
भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखों की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इस बार चुनाव दो चरणों में होंगे —
कुल 243 विधानसभा सीटों पर यह चुनाव होगा, जिसमें पहले चरण में 121 सीटें और दूसरे चरण में 122 सीटों पर मतदान कराया जाएगा।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस बार बिहार के सभी मतदान केंद्रों पर औसतन 1200 से कम मतदाताओं को शामिल किया गया है ताकि भीड़ कम हो और मतदान प्रक्रिया सुचारू रहे।
चुनाव आयोग के अनुसार,
इसी तरह दूसरे चरण के लिए प्रक्रिया 14 से 25 अक्टूबर के बीच पूरी की जाएगी। मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट (आचार संहिता) पूरे राज्य में लागू हो गया है
बिहार की राजनीति हमेशा से दिलचस्प रही है। इस बार भी मुकाबला बेहद कड़ा होने की उम्मीद है।
कुछ नए क्षेत्रीय दल, जैसे वीआईपी (विकासशील इंसान पार्टी) और जन अधिकारी पार्टी (JAP), भी कुछ सीटों पर समीकरण बिगाड़ सकते हैं।
यह चुनाव न केवल “नीतीश बनाम तेजस्वी” बल्कि “स्थिरता बनाम बदलाव” के मुद्दे पर लड़ा जा रहा है।
बिहार में बेरोजगारी लंबे समय से सबसे बड़ा मुद्दा रही है। लाखों युवा रोज़गार की तलाश में अन्य राज्यों की ओर पलायन कर रहे हैं।
तेजस्वी यादव ने फिर से “हर परिवार को एक नौकरी” का वादा दोहराया है, जबकि NDA ने कौशल विकास और स्थानीय रोजगार पर जोर दिया है।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार और सरकारी अस्पतालों की हालत को लेकर विपक्ष लगातार हमला बोल रहा है।
वहीं सरकार का दावा है कि पिछले कार्यकाल में कई मेडिकल कॉलेज खोले गए हैं और डिजिटल शिक्षा पर काम हो रहा है।
ग्रामीण इलाकों में सड़क और बिजली की स्थिति में सुधार तो हुआ है, लेकिन कई जिलों में विकास की गति अब भी धीमी बताई जा रही है।
महिलाओं के खिलाफ अपराध और नौकरी में आरक्षण जैसे मुद्दे भी चुनावी बहस का हिस्सा हैं।
सरकार ने ‘मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना’ जैसी योजनाओं का हवाला दिया है, जबकि विपक्ष ने इन्हें “कागज़ी” कहा है।
बिहार की राजनीति हमेशा से जातीय समीकरणों पर आधारित रही है।
इस बार पिछड़ा वर्ग, दलित, मुस्लिम और महिला मतदाता निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
राजनीतिक पंडितों का मानना है कि इस बार युवा और पहली बार वोट डालने वाले मतदाता निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
चुनाव आयोग ने इस बार सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी की है —
| गठबंधन/दल | सीटें (2020) | मत प्रतिशत |
|---|---|---|
| NDA | 125 | 37.3% |
| महागठबंधन | 110 | 36.8% |
| अन्य | 8 | 25.9% |
यह आंकड़े दिखाते हैं कि मुकाबला बेहद नजदीकी था। यही कारण है कि 2025 में भी परिणाम किसी भी ओर झुक सकते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि बिहार का यह चुनाव 2026 के लोकसभा पूर्व संकेतक की तरह देखा जाएगा।
यदि NDA की जीत दोहराई जाती है, तो केंद्र में भाजपा की स्थिति मजबूत होगी।
वहीं अगर महागठबंधन को सफलता मिलती है, तो यह विपक्ष के लिए बड़ा मनोबल बढ़ाने वाला परिणाम होगा।
बिहार के मतदाताओं का मूड इस बार विकास, रोजगार और शिक्षा पर केंद्रित है।
लोग अब जाति या धर्म से ऊपर उठकर “काम करने वाली सरकार” चाहते हैं।
सर्वे के मुताबिक, 65% से अधिक युवा मतदाता मानते हैं कि “इस बार मुद्दा रोजगार है, नेता नहीं।”
राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, यदि मतदान प्रतिशत 60% से अधिक गया तो बदलाव की संभावना बढ़ जाएगी।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 सिर्फ एक राज्य का चुनाव नहीं, बल्कि भारत की राजनीति का अगला बड़ा संकेत है।
6 और 11 नवंबर को होने वाला यह चुनाव तय करेगा कि बिहार फिर से स्थिरता की राह चुनेगा या परिवर्तन की दिशा में आगे बढ़ेगा।
अब वक्त है बिहार के हर मतदाता के लिए —
“आपका वोट, आपके बिहार का भविष्य तय करेगा।”
Written By- Niraj Kumar Oct 26. 2025
Page: 1 2
दिल्ली में सोमवार को शाम लाल किला के पास हुआ भीषण धमाका, Hyundai i20 कार…
सुपौल के लोगों के लिए खुशखबरी! अब POPSK Supaul में पासपोर्ट बनवाने की पूरी सुविधा…
अपडेट: 4 नवंबर 2025 | स्थान: बिलासपुर, छत्तीसगढ़ रिपोर्ट – ताज़ा न्यूज़ 50टीम Bilaspur Train…
पीएम किसान 21वीं किस्त की तारीख घोषित! नवंबर 2025 में ₹2000 की राशि किसानों के…
अगर वोट नहीं दोगे तो बिजली कटेगा” — सुपौल से विधायक बिजेंद्र प्रसाद यादव बयान…
OPPO ने OPPO Find X9 Pro को लॉन्च कर दिया है, जिसमें 200MP कैमरा, 7500mAh…
This website uses cookies.